पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय संसद प्रश्न: क्षरित वन भूमि का पुनर्स्थापन
जीआईएम ने 2015-16 से 17 राज्यों और एक केन्द्र-शासित प्रदेश में 1,84,467 हेक्टेयर भूमि पर पारिस्थितिकीय पुनर्स्थापन (इको-रेस्टोरेशन) का कार्य किया है।

इसका उद्देश्य एक एकीकृत भूदृश्य दृष्टिकोण (इंटीग्रेटेड लैंडस्केप अप्रोच) के जरिए क्षरित वन और गैर-वन वाले स्थलों की पुनर्स्थापना करना है।
जीआईएम ने 2015-16 से 17 राज्यों और एक केन्द्र-शासित प्रदेश में 1,84,467 हेक्टेयर भूमि पर पारिस्थितिकीय पुनर्स्थापन (इको-रेस्टोरेशन) का कार्य किया है। राज्य/केन्द्र-शासित प्रदेश वार विवरण इस प्रकार है: क्र. सं.
पुनर्स्थापन ( हेक्टेयर में) 1 आंध्र प्रदेश 1,433 2 अरुणाचल प्रदेश 5,314 3 छत्तीसगढ़ 22,601 4 हरियाणा 3,755 5 हिमाचल प्रदेश 1,299 6 जम्मू एवं कश्मीर 1,778 7 कर्नाटक 2,722 8 केरल 14,290 9 मध्य प्रदेश 32,831 10 महाराष्ट्र 5,223 11 मणिपुर 17,488 12 मिजोरम 19,643 13 ओडिशा 20,711 14 पंजाब 7,168 15 सिक्किम 6,567 16 उत्तराखंड 14,836 17 पश्चिम बंगाल 2,606 18 उत्तर प्रदेश 4,202 कुल 184467 मंत्रालय शहरी इलाकों में हरियाली बढ़ाने और पर्यावरण को लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से 2020-21 से 2026-27 के दौरान 600 नगर वनों और 400 नगर वाटिकाओं को विकसित करने हेतु 'नगर वन योजना ( एनवीवाई ) ' को भी कार्यान्वित कर रहा है।

