उभरती प्रौद्योगिकियों में महिलाओं के लिए कौशल विकास की पहल
सिम का उद्देश्य भारत के युवाओं, जिनमें महिलाएं भी शामिल हैं, को भविष्य के लिए तैयार करना और उन्हें कृत्रिम बुद्धिमत्ता, सेमीकंडक्टर डिजाइन और नवीकरणीय ऊर्जा जैसी उभरती।
भारत सरकार के कौशल भारत मिशन (सिम) के तहत, कौशल विकास और उद्यमशीलता मंत्रालय (एमएसडीई) विभिन्न स्कीमों, जैसे प्रधानमंत्री कौशल विकास स्कीम (पीएमकेवीवाई), जन शिक्षण संस्थान (जेएसएस), राष्ट्रीय शिक्षुता संवर्धन स्कीम (एनएपीएस) के अंतर्गत कौशल विकास केंद्रों के व्यापक नेटवर्क के माध्यम से और शिल्पकार प्रशिक्षण स्कीम (सीटीएस) के अंतर्गत औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों (आईटीआई) के माध्यम से समाज के सभी वर्गों, जिनमें महिलाएं भी शामिल हैं, को आंध्र प्रदेश सहित पूरे देश में कौशलीकरण, पुनर्कौशलीकरण और कौशलोन्नयन प्रशिक्षण प्रदान करता है।
सिम का उद्देश्य भारत के युवाओं, जिनमें महिलाएं भी शामिल हैं, को भविष्य के लिए तैयार करना और उन्हें कृत्रिम बुद्धिमत्ता, सेमीकंडक्टर डिजाइन और नवीकरणीय ऊर्जा जैसी उभरती प्रौद्योगिकियों सहित उद्योग से संबंधित कौशल से सुसज्जित करना है।
इस दौरान एमएसडीई की प्रमुख कौशल विकास स्कीमों के तहत उभरती हुई तकनीकों जैसे कृत्रिम बुद्धिमत्ता, सेमीकंडक्टर और नवीकरणीय ऊर्जा में प्रशिक्षित महिला उम्मीदवारों का पिछले पाँच वर्षों (2021-22 से 2025-26) के दौरान ब्यौरा इस प्रकार हैं: क्षेत्र पीएमकेवीवाई एनएपीएस सीटीएस/आईटीआई कृत्रिम बुद्धिमत्ता 19,697 1,426 603 सेमीकंडक्टर 4,537 - 12 नवीकरणीय ऊर्जा 57,681 17,557 1,260 एमएसडीई की प्रमुख स्कीमों के अंतर्गत प्रशिक्षित महिला उम्मीदवारों का वर्षवार ब्यौरा अनुलग्नक- I में दिया गया है।

पीएमकेवीवाई (1.0 से 3.0) के तहत आध्र प्रदेश में 55,040 महिलाओं को नियोजन अवसर दिए जाने की सूचना मिली है।
पीएमकेवीवाई 4.0 के तहत, प्रशिक्षित उम्मीदवारों को उद्योग से संबंधित कौशल पाठ्यक्रमों के माध्यम से अभिविन्यस्त करके उन्हें विभिन्न करियर पथ चुनने के लिए सशक्त बनाना मुख्य उद्देश्य है, जिसमें ऑन-द-जॉब ट्रेनिंग (ओजेटी) भी शामिल है।
