स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय भारतीय फार्माकोपिया आयोग (आईपीसी) को फार्माकोविजिलेंस में क्षेत्रीय उत्कृष्टता केंद्र और दवाओं की
बैठक में क्षेत्रीय सहयोग के एक दशक पूरे होने का जश्न मनाने के साथ - साथ चिकित्सीय उत्पादों की गुणवत्ता, सुरक्षा और प्रभावकारिता सुनिश्चित करने के लिए नियामक प्रणालियों को मजबूत।
भारत सरकार के स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय के अंतर्गत भारतीय फार्माकोपिया आयोग ( आईपीसी ) ने 4-5 अगस्त 2026 को नेपाल के काठमांडू में आयोजित दक्षिण - पूर्व एशिया नियामक नेटवर्क ( एसईएआरएन ) की 10 वीं वर्षगांठ की बैठक में भाग लिया।
बैठक में क्षेत्रीय सहयोग के एक दशक पूरे होने का जश्न मनाने के साथ - साथ चिकित्सीय उत्पादों की गुणवत्ता, सुरक्षा और प्रभावकारिता सुनिश्चित करने के लिए नियामक प्रणालियों को मजबूत करने पर जोर दिया गया।
एसईएआरएन विश्व स्वास्थ्य संगठन ( डब्ल्यूएचओ ) के दक्षिण - पूर्व एशिया क्षेत्रीय कार्यालय ( एसईएआरओ ) द्वारा सदस्य देशों में नियामक प्रणालियों को सुदृढ़ करने के लिए स्थापित एक सहयोगात्मक मंच है।

2016 में अपनी स्थापना के बाद से, एसईएआरएन ने ज्ञान साझा करने, नियामक प्रक्रियाओं में सामंजस्य, क्षमता निर्माण और नियामक निर्भरता तंत्र के माध्यम से राष्ट्रीय नियामक प्राधिकरणों के बीच सहयोग को बढ़ावा दिया है।
बैठक के दौरान, आईपीसी ने दवा नियामक प्रणाली को मजबूत करने और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सामंजस्यपूर्ण मानकों के माध्यम से गुणवत्तापूर्ण दवाओं की उपलब्धता को बढ़ावा देने के लिए भारत की निरंतर प्रतिबद्धता को रेखांकित किया।
