पूर्व शिक्षण की मान्यता
अवार्डिंग बॉडीज से यह अपेक्षा की जाती है कि वे उद्योग की मांग के अनुसार योग्यताएं तैयार करें और उन्हें राष्ट्रीय व्यवसाय वर्गीकरण, 2015 के अनुसार चिन्हित व्यवसायों के साथ संरेखित।
भारत सरकार के कौशल भारत मिशन (सिम) के अंतर्गत, कौशल विकास और उद्यमशीलता मंत्रालय (एमएसडीई) विभिन्न स्कीमों अर्थात् प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना (पीएमकेवीवाई), जन शिक्षण संस्थान (जेएसएस), राष्ट्रीय शिक्षुता संवर्धन स्कीम (एनएपीएस) के अंतर्गत विस्तृत कौशल विकास केंद्रों के नेटवर्क के माध्यम से तथा शिल्पकार प्रशिक्षण स्कीम (सीटीएस) के अंतर्गत औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों (आईटीआई) के माध्यम से देश के सभी वर्गों को कौशलीकरण, पुनर्कौशलीकरण तथा कौशलोन्नयन प्रशिक्षण प्रदान किया जाता है।
अवार्डिंग बॉडीज से यह अपेक्षा की जाती है कि वे उद्योग की मांग के अनुसार योग्यताएं तैयार करें और उन्हें राष्ट्रीय व्यवसाय वर्गीकरण, 2015 के अनुसार चिन्हित व्यवसायों के साथ संरेखित करें तथा उद्योग से मान्यता प्राप्त करें।
एनसीवीईटी ने उद्योग की आवश्यकताओं के अनुसार 10209 योग्यताओं को मंजूरी दी है, जिनमें से 2975 योग्यताएं वैध और सक्रिय हैं तथा 7234 योग्यताएं संग्रहीत हैं।

कौशल भारत मिशन का उद्देश्य भारत के युवाओं को उद्योग-प्रासंगिक कौशलों से सुसज्जित करके भविष्य के लिए तैयार करना है।
