सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय 2024-25 के दौरान किए गए नए देशव्यापी सर्वेक्षण में हाथ से मैला उठाने वाला कोई
सरकार के पुनर्वास प्रयासों के तहत, चिह्नित किए गए सभी मैला उठाने वाले कर्मियों को 40, 000 रुपये की एकमुश्त नकद सहायता (ओटीसीए ) प्रदान की है।
केंद्र सरकार ने राष्ट्रीय मशीनीकृत स्वच्छता इकोसिस्टम कार्य-योजना (नमस्ते) योजना के तहत निरंतर वित्तीय सहायता, कौशल विकास और आजीविका सहायता के माध्यम से हाथ से मैला उठाने की प्रथा के पूर्ण उन्मूलन और चिह्नित किए गए मैला उठाने वालों के पुनर्वास के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को फिर से दोहराया है।
सदन को सूचित किया गया कि हाथ से मैला उठाने वाले कर्मियों के नियोजन का प्रतिषेध और उनका पुनर्वास अधिनियम, 2013 के अंतर्गत 2024-25 के दौरान किए गए एक नए देशव्यापी सर्वेक्षण में देश के किसी भी जिले में हाथ से मैला उठाने वाला कोई व्यक्ति नहीं मिला।
उन्होंने यह भी बताया कि 2013 और 2018 में हुए देशव्यापी सर्वेक्षण में 58, 098 हाथ से मैला उठाने वाले कर्मियों को चिह्नित किया गया।

सरकार के पुनर्वास प्रयासों के तहत, चिह्नित किए गए सभी मैला उठाने वाले कर्मियों को 40, 000 रुपये की एकमुश्त नकद सहायता (ओटीसीए ) प्रदान की है।
सदन को यह भी बताया गया कि हाथ से मैला उठाने वालों के पुनर्वास के लिए स्वरोजगार योजना ( एसआरएमएस ) के तहत पुनर्वास की पहल- जिसे अब जुलाई 2023 में शुरू की गई नमस्ते योजना में सम्मिलित किया गया है- से रोजगार के टिकाऊ अवसर मिल रहे हैं।
2023-24 से 2025-26 तक, 5, 632 हाथ से मैला उठाने वालों और उनके आश्रितों ने कौशल विकास प्रशिक्षण प्राप्त किया, जबकि 483 लाभार्थियों को वैकल्पिक स्वरोजगार के काम शुरू करने के लिए पूंजीगत सब्सिडी दी गई।
