शिक्षा मंत्रालय कृत्रिम बुद्धिमत्ता में उत्कृष्टता केंद्र 2023-24 की घोषणा के अनुरूप कृत्रिम बुद्धिमत्ता(एआई) के तीन उत्कृष्टता
ये उत्कृष्टता केंद्र कृषि, टिकाऊ शहर और स्वास्थ्य सेवा के क्षेत्रों में कार्य कर रहे हैं।
भारत सरकार ने "भारत में एआई का विकास करें और एआई को भारत के लिए उपयोगी बनाएं" के विजन को साकार करने के उद्देश्य से केन्द्रीय बजट 2023-24 की घोषणा के अनुरूप कृत्रिम बुद्धिमत्ता(एआई) के तीन उत्कृष्टता केंद्र(सेंटर ऑफ एक्सीलेंस) स्थापित किए हैं।
ये उत्कृष्टता केंद्र कृषि, टिकाऊ शहर और स्वास्थ्य सेवा के क्षेत्रों में कार्य कर रहे हैं। इन एआई उत्कृष्टता केंद्रों का नेतृत्व क्रमशः आईआईटी रोपड़, आईआईटी कानपुर तथा भारतीय विज्ञान संस्थान(आईआईएससी), बेंगलुरु द्वारा किया जा रहा है।
इस विजन को और आगे बढ़ाने के लिए, केन्द्रीय बजट 2025-26 में ₹500 करोड़ के कुल व्यय के साथ शिक्षा के लिए कृत्रिम बुद्धिमत्ता(एआई) में एक उत्कृष्टता केंद्र(सीओई) की घोषणा की गई थी, जिसे आईआईटी मद्रास में स्थापित किया गया है।

एआई-सीओई(कृत्रिम बुद्धिमत्ता उत्कृष्टता केंद्र) पहल के तहत जारी की गई वित्तीय सहायता इस प्रकार है।
वित्त वर्ष 2023-24 और वित्त वर्ष 2024-25 के दौरान, संस्थानों के प्रतिस्पर्धी चयन के पायलट चरण में, संस्थानों के कंसोर्टियम को ₹27.00 करोड़ जारी किए गए थे।
शिक्षा के लिए एआई उत्कृष्टता केंद्र ने भारतीय भाषाओं को समर्थन देने वाले स्वचालित वाक् पहचान (एएसआऱ), ऑप्टिकल कैरेक्टर रिकॉग्निशन(ओसार), मशीन अनुवाद(एमटी) तथा टेक्स्ट-टू-स्पीच(टीटीएस) के लिए मशीन लर्निंग मॉडल विकसित किए हैं।
