रसायन एवं पेट्रो-रसायन विभाग पिछले 12 वर्षों में भारत में रसायन एवं पेट्रोकेमिकल क्षेत्र में उल्लेखनीय वृद्धि देखी गई
रसायन एवं उर्वरक मंत्रालय के अधीन रसायन एवं पेट्रोकेमिकल विभाग (डीसीपीसी) ने पिछले बारह माह में रसायन एवं पेट्रोकेमिकल क्षेत्र के लिए नीतिगत सुधार, अवसंरचना विकास, क्षमता निर्माण।
रसायन एवं उर्वरक मंत्रालय के अधीन रसायन एवं पेट्रोकेमिकल विभाग (डीसीपीसी) ने पिछले बारह माह में रसायन एवं पेट्रोकेमिकल क्षेत्र के लिए नीतिगत सुधार, अवसंरचना विकास, क्षमता निर्माण, कौशल विकास, गुणवत्ता संवर्धन और निवेश प्रोत्साहन संबंधी पहल की हैं।
इस योजन के अंतर्गत सम्मेलनों, प्रदर्शनियों, प्रशिक्षण कार्यक्रमों, अध्ययनों और जागरूकता निर्माण पहलों के माध्यम से रसायन और पेट्रोकेमिकल क्षेत्र के विकास में सहयोग किया गया है।
डीसीपीसी, विभाग के अधीन एक सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनी एचआईएल (इंडिया) लिमिटेड और विभाग के अधीन एक स्वायत्त निकाय, इंस्टीट्यूट ऑफ पेस्टिसाइड फॉर्मूलेशन टेक्नोलॉजी (आईपीएफटी) द्वारा संचालित जागरूकता कार्यक्रमों के माध्यम से फसलों में कीटनाशकों के सुरक्षित और विवेकपूर्ण उपयोग को बढ़ावा दे रही है।

सीपीडीएस के अंतर्गत ये दोनों संगठन किसानों को कीटनाशकों के सुरक्षित और विवेकपूर्ण उपयोग पर प्रशिक्षण कार्यक्रम चला रहे हैं और खाद्यान्न, खाद्य तेल, फल और सब्जियों में कीटनाशक अवशेषों को कम करने के लिए एकीकृत कीट प्रबंधन पद्धतियों को अपनाने को प्रोत्साहित कर रहे हैं।
यह कार्यक्रम 5 वर्षों की अवधि में सभी 2,393 एमएएच इकाइयों के लिए बनाया गया है। प्रत्येक कार्यक्रम में 50 एमएएच इकाइयों से 100 प्रतिभागी शामिल होते हैं। इनमें प्रत्येक इकाई से 2 कर्मचारी होते हैं।
