सहकारिता मंत्रालय सहकारिता क्षेत्र में डिजिटल प्रौद्योगिकी
विगत तीन वर्षों के दौरान सहकारिता मंत्रालय ने "सहकार से समृद्धि" की परिकल्पना के अधीन सहकारी क्षेत्र में डिजिटल प्रौद्योगिकी, पारदर्शिता और सुशासन को प्रोत्साहन देने के लिए अनेक।
विगत तीन वर्षों के दौरान सहकारिता मंत्रालय ने "सहकार से समृद्धि" की परिकल्पना के अधीन सहकारी क्षेत्र में डिजिटल प्रौद्योगिकी, पारदर्शिता और सुशासन को प्रोत्साहन देने के लिए अनेक सुधारात्मक उपाय किए हैं।
की गई प्रमुख पहलें और उनके परिणाम निम्नानुसार हैं:- प्राथमिक कृषि क्रेडिट समितियों (पैक्स) के कंप्यूटरीकरण की परियोजना: मंत्रालय 2,516 करोड़ रुपये के कुल वित्तीय परिव्यय के साथ कार्यशील पैक्स के कंप्यूटरीकरण के लिए केंद्रीय प्रायोजित परियोजना कार्यान्वित कर रहा है, जिसे अब बढ़ाकर 2925.39 करोड़ रुपये कर दिया गया है जिसमें सभी कार्यशील पैक्स को ईआरपी (एंटरप्राइज रिसोर्स प्लानिंग) आधारित कॉमन राष्ट्रीय सॉफ्टवेयर पर लाकर उन्हें राज्य सहकारी बैंकों (एसटीसीबी) और जिला केंद्रीय सहकारी बैंकों (डीसीसीबी) के माध्यम से नाबार्ड के साथ लिंक करना है।
यह परियोजना मानकीकृत लेखांकन, संपरीक्षा, एमआईएस, ऑनलाइन सेवा प्रदाय और विभिन्न राष्ट्रीय डिजिटल प्लेटफॉर्म्स के साथ एकीकरण की सुविधा प्रदान करती है, जिससे सदस्यों को कुशल शासन और बेहतर सेवा प्रदाय सक्षम होता है।

