वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय जीईएम ने एमएसएमई, स्टार्टअप, महिला उद्यमियों और स्वयं सहायता समूहों की भागीदारी को सशक्त
जीईएम, भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (सीसीआई) के टूलकिट का उपयोग करते हुए बोलीदाताओं की डिजिटल पहचान, जैसे आईपी एड्रेस, बोली मूल्य, बोली प्रस्तुत करने का समय आदि के आधार पर संभावित।
30 जुलाई, 2026 तक सरकारी ई-मार्केटप्लेस (जीईएम) पर पंजीकृत एमएसएमई, स्टार्टअप, महिला उद्यमियों तथा स्वयं सहायता समूहों (एसएचजी) की श्रेणी-वार संख्या निम्नलिखित है: विक्रेता समूह अखिल भारतीय कर्नाटक बेंगलुरु एमएसएमई 11,75,001 55,053 16,091 स्टार्टअप 37,758 2,772 1,951 महिला उद्यमी 2,17,155 10,896 3,052 स्वयं सहायता समूह 3,784 266 09 जी हां, पिछले पांच वर्षों के दौरान जीईएम के माध्यम से एमएसएमई से खरीद में वृद्धि हुई है।
पिछले पांच वित्तीय वर्षों के दौरान जीईएम के माध्यम से एमएसएमई से की गई खरीद का विवरण निम्नलिखित है: वित्त वर्ष कुल ऑर्डर मूल्य (₹ करोड़ में ) एमएसएमई ऑर्डर मूल्य (₹ करोड़ में ) खरीद का अनुपात वित्त वर्ष 21-22 1,06,597 59,033 0.554 वित्त वर्ष 22-23 2,01,317 97,332 0.483 वित्त वर्ष 23-24 4,03,569 1,90,485 0.472 वित्त वर्ष 24-25 5,41,602 1,95,976 0.362 वित्त वर्ष 25-26 5,02,776 2,37,235 0.472 जीईएम ने संभावित खरीद पैटर्न की पहचान के लिए एआई/एमएल आधारित विश्लेषणात्मक मॉडलों का उपयोग शुरू कर दिया है।

