एचबी विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने भारत के जैव प्रौद्योगिकी इकोसिस्टम में निजी
जितेंद्र सिंह ने भारत की स्वदेशी जैव प्रौद्योगिकी क्षमताओं, उद्योग और निवेशकों के बीच मजबूत संबंध बनाने की आवश्यकता पर बल दिया ताकि संभावित नवाचार अनुसंधान और विकास से व्यावसायीकरण।
डॉ. जितेंद्र सिंह ने भारत की स्वदेशी जैव प्रौद्योगिकी क्षमताओं, उद्योग और निवेशकों के बीच मजबूत संबंध बनाने की आवश्यकता पर बल दिया ताकि संभावित नवाचार अनुसंधान और विकास से व्यावसायीकरण की ओर तेजी से बढ़ सकें। डॉ.
जितेंद्र सिंह ने नई दिल्ली में जैव प्रौद्योगिकी उद्योग अनुसंधान सहायता परिषद (बीआईआरएसी) के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ एक बैठक के दौरान इस बात पर बल दिया, जहां भारत के जैव प्रौद्योगिकी इकोसिस्टम के लिए निवेश, उद्योग की भागीदारी और बाजार के अवसरों का विस्तार करने के उपायों की एक श्रृंखला पर चर्चा की गई।
बैठक में बीआईआरएसी अनुसंधान, विकास और नवाचार कोष (बीआईआरएसी-आरडीआईएफ) के कार्यान्वयन, जैव प्रौद्योगिकी में उद्योग की भागीदारी को सुदृढ़ करने, जीवन विज्ञान वैश्विक क्षमता केंद्रों (जीसीसी) को घरेलू जैव प्रौद्योगिकी इकोसिस्टम के साथ एकीकृत करने, जैव प्रौद्योगिकी-आधारित पहलों के लिए कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (सीएसआर) का लाभ उठाने, बीआईआरएसी की पहुंच और अंतरराष्ट्रीय दृश्यता बढ़ाने तथा जैव प्रौद्योगिकी स्टार्टअप और उद्यमों के लिए मजबूत निवेशक संबंध बनाने पर ध्यान केंद्रित किया गया।

