( राज्यसभा अतारांकित प्रश्न 537) पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय दिल्ली-एनसीआर में लैंडफिल स्थलों का प्रभावी
इनमें सैनिटेरी लैंडफिल सहित नगर ठोस अपशिष्ट (एमएसडब्ल्यू) के उचित एवं प्रभावी प्रबंधन के प्रावधान किए गए हैं।
इनमें सैनिटेरी लैंडफिल सहित नगर ठोस अपशिष्ट (एमएसडब्ल्यू) के उचित एवं प्रभावी प्रबंधन के प्रावधान किए गए हैं। ये नियम 01.04.2026 से प्रभावी हो गए हैं।
ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम, 2026 के अनुसार, सैनिटेरी लैंडफिलिंग से आशय है, अवशिष्ट ठोस अपशिष्ट तथा निष्क्रिय अपशिष्टों का भूमि पर ऐसे केंद्र में अंतिम एवं सुरक्षित निपटान से है, जिसे भूजल, सतही जल तथा उड़नशील धूल, हवा से उड़ने वाले कचरे, दुर्गंध, आग के खतरे, आवारा पशुओं, पक्षियों, कीटों अथवा कृन्तकों के उपद्रव, ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन, स्थायी जैविक प्रदूषकों, ढलान की अस्थिरता तथा मृदा अपरदन से संरक्षण हेतु उपायों के साथ अभिकल्पित किया गया हो।
इसके अतिरिक्त, नियमों में यह भी व्यवस्था है कि गैर-पुनर्चक्रणीय, ऊर्जा पुनर्प्राप्ति के लिए अनुपयुक्त शुष्क अपशिष्ट तथा निष्क्रिय अपशिष्टों के पर्यावरण की दृष्टि से सुरक्षित निपटान के लिए स्वच्छ लैंडफिल के संचालन का लेखापरीक्षण संबंधित राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, प्रदूषण नियंत्रण समिति अथवा पंजीकृत पर्यावरण लेखापरीक्षक द्वारा केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के निर्धारित दिशानिर्देशों के अनुसार किया जाएगा।

