पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय एनबीए ने एक्सेस एंड बेनिफिट शेयरिंग व्यवस्था के अंतर्गत 33 राज्यों/केंद्र
जैविक विविधता अधिनियम, 2002 के अंतर्गत लागू और नागोया प्रोटोकॉल के अनुरूप भारत का एबीएस ढांचा, अन्य देशों के उपयोगकर्ताओं द्वारा जैविक संसाधनों तक पहुंच के समय समान लाभ साझाकरण।

राष्ट्रीय जैव विविधता प्राधिकरण (एनबीए) ने 33 राज्य जैव विविधता बोर्डों (एसबीबी) और केंद्र शासित प्रदेश जैव विविधता परिषदों (यूटीबीसी), आईसीएआर-राष्ट्रीय पादप आनुवंशिक संसाधन ब्यूरो (एनबीपीजीआर) और हरियाणा राज्य जैव विविधता बोर्ड के द्वारा हिसार बोवाइन स्पर्म स्टेशन और अनुसंधान केंद्र को पहुंच और लाभ साझाकरण (एबीएस) के रूप में लगभग 3.79 करोड़ रुपये वितरित किए हैं।
अनुसंधान और व्यावसायिक उपयोग के लिए सब्जी और तिलहन के आनुवंशिक संसाधनों तक पहुंच प्राप्त करने के लिए मेसर्स बायर साइंस एंड इनोवेशन प्राइवेट लिमिटेड, मेसर्स एचएम क्लॉज इंडिया प्राइवेट लिमिटेड और मेसर्स एडवांटा एंटरप्राइजेज लिमिटेड जैसी कंपनियों से एबीएस राशि प्राप्त की गई थी।

