सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय सरकार ने जम्मू-कश्मीर में नशा मुक्ति अवसंरचना और मादक पदार्थ-रोधी समन्वय को
केंद्र शासित प्रदेश में एक आईआरसीए, छह जिला नशा मुक्ति केंद्र और 21 व्यसन उपचार सुविधाएं कार्यरत।
भारत सरकार मादक पदार्थों की मांग में कमी लाने के लिए राष्ट्रीय कार्य योजना (एनएपीडीडीआर) के माध्यम से जम्मू-कश्मीर में नशा मुक्ति एवं पुनर्वास सेवाओं को निरंतर सुदृढ़ कर रही है, साथ ही मादक पदार्थों की तस्करी से निपटने के लिए कानून प्रवर्तन एजेंसियों के बीच समन्वय को भी मजबूत बना रही है।
सदन को अवगत कराया गया कि वर्तमान में मादक पदार्थों की मांग में कमी लाने के लिए राष्ट्रीय कार्य योजना (एनएपीडीडीआर) के अंतर्गत जम्मू-कश्मीर केंद्र शासित प्रदेश में एक इंटीग्रेटेड रिहैबिलिटेशन सेंटर फॉर एडिक्ट्स (आईआरसीए), छह जिला नशा-मुक्ति केंद्र (डीडीएसी), दो कम्युनिटी-बेस्ड पीयर लीड इंटरवेंशन (सीपीएलआई) केंद्र, तीन आउटरीच एंड ड्रॉप-इन सेंटर (ओडीआईसी) तथा इक्कीस व्यसन उपचार सुविधाएं (एटीएफ) कार्यरत हैं।
लिखित उत्तर में आगे बताया गया कि गृह मंत्रालय ने देशभर में मादक पदार्थों की तस्करी और मादक पदार्थों के दुरुपयोग से निपटने के लिए केंद्रीय एवं राज्य मादक पदार्थ कानून प्रवर्तन एजेंसियों तथा अन्य हितधारकों के बीच समन्वय को सुदृढ़ करने हेतु शीर्ष, कार्यकारी, राज्य/केंद्र शासित प्रदेश तथा जिला स्तर की इकाइयों वाला चार-स्तरीय नार्को कोऑर्डिनेशन सेंटर (एनसीओआरडी) तंत्र स्थापित किया है।

