ग्रामीण विकास मंत्रालय भूमि संसाधन विभाग ने गोवा में 'नक्शा' पायलट परियोजना से संबंधित तथ्यों को स्पष्ट किया
सरकार ने दृढ़ता से दोहराया है कि सभी मौजूदा संपत्ति के स्वामित्व प्रमाणपत्र, सीमाएं और आधिकारिक भूमि अभिलेख पूरी तरह से सुरक्षित हैं और मौजूदा मानचित्रण क्रियाकलाप से अप्रभावित।
भारत सरकार के ग्रामीण विकास मंत्रालय के भूमि संसाधन विभाग ने गोवा सरकार के बंदोबस्त एवं भूमि अभिलेख निदेशालय (डीएसएलआर) के समन्वय से राष्ट्रीय भू-स्थानिक ज्ञान आधारित शहरी बस्तियों के भूमि सर्वेक्षण (नक्शा) नामक पायलट परियोजना के संबंध में निराधार अफवाहों को दूर करने के लिए एक आधिकारिक स्पष्टीकरण जारी किया है।
सरकार ने दृढ़ता से दोहराया है कि सभी मौजूदा संपत्ति के स्वामित्व प्रमाणपत्र, सीमाएं और आधिकारिक भूमि अभिलेख पूरी तरह से सुरक्षित हैं और मौजूदा मानचित्रण क्रियाकलाप से अप्रभावित हैं।
राष्ट्रीय डिजिटल इंडिया भूमि अभिलेख आधुनिकीकरण कार्यक्रम (डीआईएलआरएमपी) के तहत कार्यान्वित, नक्शा एक जीआईएस-आधारित शहरी भूमि पार्सल मानचित्रण पहल है जिसे कई राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में नगर नियोजन को बढ़ाने, भूमि प्रशासन का आधुनिकीकरण करने और सार्वजनिक उपयोगिता लेआउट को अनुकूलित करने के लिए डिजाइन किया गया है।

