सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय सरकार ने 2026–31 के लिए वित्तीय परिव्यय में वृद्धि के साथ 'पीएम-अजय' को जारी रखने
वहीं, राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों ने अनुसूचित जाति के लाभार्थियों के लिए अवसंरचना के निर्माण, आजीविका सृजन और शैक्षणिक सहायता की दिशा में 3,185.072 करोड़ रुपये के उपयोग की।
सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय ने लोकसभा को सूचित किया कि विकास निगरानी और मूल्यांकन कार्यालय (डीएमईओ), नीति आयोग द्वारा किए गए एक स्वतंत्र मूल्यांकन में पाया गया है कि यह योजना अनुसूचित जाति बहुल क्षेत्रों में अवसंरचना, शिक्षा तक पहुंच, आजीविका के अवसरों और जीवन की समग्र गुणवत्ता में सुधार की दिशा में महत्वपूर्ण योगदान दे रही है।
लोकसभा में श्री राजा ए के एक लिखित उत्तर में, सामाजिक न्याय और अधिकारिता राज्य मंत्री श्री रामदास अठावले ने बताया कि वर्ष 2021-22 में शुरू की गई पीएम-अजय योजना को देश भर में अनुसूचित जाति समुदायों के सामाजिक-आर्थिक विकास में तेजी लाने के लिए इसके तीन घटकों - आदर्श ग्राम, सहायता अनुदान और छात्रावास के माध्यम से लागू किया जा रहा है।

