पीयू ग्रामीण विकास मंत्रालय वीबी-जी राम-जी अधिनियम, 2025 के अंतर्गत रोजगार गारंटी और आजीविका सहायता अवसंरचना को सुदृढ़
संगत अनुमानित राज्यांश को शामिल करने पर, कुल कार्यक्रम परिव्यय 1.51 लाख करोड़ रु से अधिक होने की संभावना है, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में सकारात्मक परिवर्तन, बड़े पैमाने पर रोजगार।
पीयू 125 दिनों का बढ़ा हुआ गारंटीकृत मजदूरी रोजगार, सतत एवं उत्पादक ग्रामीण परिसंपत्तियों के सृजन, सतत आजीविका को बढ़ावा देने तथा ग्रामीण अवसंरचना को सुदृढ़ करने हेतु एक सुदृढ़ वैधानिक ढांचे के माध्यम से ग्रामीण परिवारों की आजीविका सुरक्षा को बढ़ाने के उद्देश्य के साथ विकसित भारत - रोजगार और आजीविका के लिए गारंटी मिशन (ग्रामीण) (वीबी-जी राम जी) अधिनियम, 2025 1 जुलाई, 2026 से लागू हो गया है।
यह अधिनियम संपूर्ण सरकार दृष्टिकोण की परिकल्पना करता है, जो अन्य केंद्रीय एवं राज्य सरकारों के कार्यक्रमों के साथ अभिसरण को बढ़ावा देता है तथा जल-संबंधी कार्यों, मूल ग्रामीण अवसंरचना, आजीविका-संबंधी अवसंरचना तथा प्रतिकूल मौसम घटनाओं के शमन हेतु कार्यों पर बल देता है, साथ ही प्रौद्योगिकी-सक्षम योजना, कार्यान्वयन, निगरानी तथा पारदर्शिता को बढ़ाता है।
अधिनियम की धारा 22 की उपधारा (2) के अनुसार, केंद्र सरकार और राज्य सरकारों के बीच निधि साझाकरण पद्धति उत्तर पूर्वी राज्यों, हिमालयी राज्यों तथा संघ राज्य क्षेत्रों (उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर) के लिए 90:10 तथा विधानमंडल वाले अन्य सभी राज्यों और संघ राज्य क्षेत्रों के लिए 60:40 होगी।

